Showing posts with label आर्सेनिक. Show all posts
Showing posts with label आर्सेनिक. Show all posts

Monday, 24 December 2018

राजधानी में दूषित पानी से हो रही मौतों पर आप का प्रदर्शन

राजधानी के कारगिल चौक पर प्रदर्शन करते 'आप' कार्यकर्ता 
पटना : आम आदमी पार्टी पटना के अध्यक्ष चौधरी ब्रह्मप्रकाश यादव के नेतृत्व में सोमवार को राजधानी के कारगिल चौक पर दूषित पानी से हो रही मौत के खिलाफ प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका गया. जिलाध्यक्ष चौधरी ब्रह्मप्रकाश सिंह यादव ने बताया कि गंगा नदी के किनारे बसे गावँ के लोग आर्सेनिक युक्त दूषित पानी पीने से मर रहे हैं। शहर में पानी सप्लाई की पाइप फटी होने के कारण लोग नाले का पानी पीने को मजबूर हैं. ब्रह्मप्रकाश कहते हैं कि मनेर की जनता हर रोज थोड़ा थोड़ा जहर पी रहे है. आर्सेनिक युक्त पानी से मुक्ति के लिए लगातार सात सालों से आंदोलन करते आ रहे ह, अनशन भी किये. लेकिन सरकार के कानों तक जूं तक नही रेंग रही है. आर्सेनिक युक्त दूषित पानी के पीने से आज भी हमारे मनेर के लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं. उन्होंने कहा, सात साल में मनेर प्रखंड में लोगों को आर्सेनिक मुक्त पानी देने के लिए बनने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की शुरुआत नहीं हो पाई है, प्लांट नहीं बनने से मनेर के लोगों को रोजाना करीब 10 मिग्रा जहर पीना पड़ रहा है, जिसकी कीमत मनेर प्रखंड के लोगों को जान देकर चुकानी पड़ रही है. इसकी वजह से लोग चर्म रोग से लेकर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी तक से जूझ रहे हैं. साल 2011 के आखिर में सरकार ने राजधानी के सबसे ज्यादा आर्सेनिक प्रभावित मनेर प्रखंड में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाने को मंजूरी दी थी. करीब 75 करोड़ की लागत से मनेर ब्लॉक के 25 गांवों को साफ पीने का पानी उपलब्ध कराया जाना था. पूरी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई. सेंट्रलग्राउंड वॉटर बोर्ड की साल 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के 15 जिलों के 57 प्रखंडों में स्थिति खतरनाक है. इन जगहों पर आर्सेनिक की मात्रा तय मानक से काफी ज्यादा है। इन जगहों पर आर्सेनिक की मात्रा 1.810 मिली ग्राम/प्रति लीटर है। जबकि इसकी मात्रा 0.05 मिग्रा/लीटर से थोड़ा अधिक होने पर इसके सीधे इस्तेमाल से कई रोगों का सामना करना पड़ता है। राजधानी में मनेर के अलावा दानापुर, बख्तियारपुर और बाढ़ में आर्सेनिक का स्तर काफी ज्यादा है. आर्सेनिक युक्त जल पीने के कारण मनेर सहित पटना के लोग कैंसर की चपेट में आ रहे हैं. जिला के संगठन सचिव विकास आनंद ने कहा कि जल-नल योजना के नाम पर खुल्लम-खुल्ला लूट की छूट देकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी कुर्सी बचाने के खेल में व्यस्त हैं। बिहार की जनता सब देख-समझ रही है। अगर हालात नहीं बदले तो एनडीए की बिहार से विदाई तय है. मौके पर प्रदेश प्रवक्ता अमर यादव, उपाध्यक्ष मनोज कुमार, मीडिया प्रभारी बबलू प्रकाश, पटना जिला महासचिव रवि भूषण सिंह, वरीय उपाध्यक्ष अंजुम बारी, मुश्ताक राहत, सचिव ई. प्रेम रंजन यादव, अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष मयंक नंदन, सोशल मिडिया अध्यक्ष रोहित सिंह, सौरभ शर्मा, मनीष कुमार, दीपक कुमार, आदी मेहता, सुयश कुमार ज्योति, मो चाँद, कमलेश कुमार, आसिफ इक़बाल, विष्णु कुमार, परवेज आलम, गुड्डू जी, विनय कुमार सिंह, महिलाशक्ति से आसमा खान, रजिया सुल्तान सहित दर्जनों नेता-कार्यकर्ता उपस्थित थे.